अंडकोष क्यों लटकते हैं?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Feb 2023 : 13:27

कभी कभी कुछ कारणों के कारण अंडकोषों में पानी भरने लगता है और उनका आकार बढ़ने लगता है,इसे अंडकोष के ऊपर की चमड़ी भी कठोर और कड़ी होने लगती है, कुछ मामलों में तो अंडकोष के एक तरफ के मांस में वृद्धि होने लगती है और इसी स्थिति को अंडकोष के एक सिरे में वृद्धि कहा जाता है. अगर इस रोग को शुरुआत में ही ठीक ना किया जाएँ तो ये भयंकर रोग में भी परिवर्तित हो जाता है. कभी कभी चोट आदि लगने अथवा अन्य कारणवश अंडकोष में वृद्धि – सूजन हो जाती हैं, जिससे भयंकर कष्ट झेलना पड़ता हैं। ऐसी स्थिति में नीचे दिए गये उपचार बहुत सहायी हैं।


आइये जाने अंडकोष बढ़ जाने पर किये जाने वाले घरलू उपचारो को – Remedies on the Enlargement of Testicles from One Side

एरण्ड ( Castor ) : 1 गिलास दूध लें और उसमें 2 चम्मच एरण्ड का तेल मिलाकर सुबह शाम इस दूध का सेवन करने से अंडकोषों में वृद्धि नहीं होती, वहीँ अगर एरंड के तेल से अंडकोषों की मालिश की जाए तो ये अंडकोष में जमा पानी को सुखाता है और बढे हुए अतिरिक्त मांस को दूर करता है.
आम का पेड़ ( Mango Tree ) : आम्र के पेड़ पर बान्दा पायी जाती है उसे गाय के मूत्र के साथ पीसकर लेप बनायें और उसे अंडकोष के उस हिस्से पर लगायें जो बढ़ा हुआ है, कुछ देर उसे लगा रहने दें, आराम अवश्य मिलेगा.
आम के पत्ते ( Mango Leaves ) : थोड़े से आम के पत्ते लेकर उन्हें पिस लें, लेप में थोडा नमक मिलाएं और अंडकोष पर लगायें. ये लेप अंडकोषों में भरे सारे पानी को सोख लेता है और राहत दिलाता है.
भिलावा ( Anacardium ) : थोड़ी सी हल्दी और भिलावा दोनों को मिलाकर घिसें और अंडकोषों पर लगाएं, इससे अंडकोष वृद्धि रूकती है, साथ ही कण्डू की सिकाई करने पर भी आराम मिलता है.
आक के पत्ते ( Aak Leaves ) : शुद्ध सरसों का तेल लें और उसमें आक के पत्तों को सेंकें, अब इन पत्तों को अंडकोषों पर बांधें. रात भर इन पत्तों को बंधा रहने दें और सुबह हटा दें. कुछ दिनों के प्रयोग से ही आपको परिणाम दिखने आरम्भ हो जायेंगे.
महुआ के ताजे फुल ( Fresh leaves of Mahua ) : ताजे पानी में महुआ के कुछ ताजे फुल डालें और उन्हें कुछ देर तक उबालते रहें, इस पानी की भाप से अंडकोषों की सिकाई करें, ये अंडकोषों के दर्द में और अंडकोष वृद्धि दोनों में राहत दिलाने में सहायक होता है.
तंबाकू के पत्ते ( Fresh Leaves of Tobacco ) : सरसों के तेल में तंबाकू के ताजे पत्तों को सेंककर अंडकोषों पर बांधें, इस उपाय से भी आराम अवश्य प्राप्त होता है.
धतूरे का पत्ते ( Dhatura Leaves ) : तंबाकू के पत्तों की तरह धतूरे के पत्तों को भी सरसों के तेल में सेंकना है और उन्हें अंडकोषों पर बाँधना है, इस उपाय से भी अवश्य लाभ मिलता है लेकिन ध्यान रहें कि इस उपाय को रात को सोते वक़्त ही करें.
मोरवा का फल ( Morva Fruits ) : अगर मोरवा के फल को कमर पर बांधा जाएँ तो अंडकोष के आकार में आये परिवर्तन को आसानी से ठीक किया जा सकता है.
छोटी काटेरी ( Little Kateri ) : छोटी काटेरी की 10 ग्राम सुखी जड़ लें और उसमें करीब 6 ग्राम कालीमिर्च मिलाकर पीस लें. अब इस मिश्रण को 1 कप पानी में घोलकर पी जाएँ और उसके बाद ही मलत्याग के लिए जाएँ. 1 सप्ताह इस उपाय को अपनाएँ, आपको अंडकोष के आकार में खुद ब खुद फर्क दिख जाएगा.
कंटकरंज ( Kantkaranj ) : आपको कंटकरंज के बीज लेकर उनका पाउडर तैयार करना है फिर इस पाउडर को एरण्ड के पत्तों पर डालें और अंडकोष के उस स्थान पर बांधें जोकि बढ़ा हुआ है. इसके अलावा कंटकरंज के बीजों से निर्मित मज्जा को 1 ग्राम की मात्रा में रोजाना सुबह शाम कालीमिर्च मिलाकर खाएं.
वच – अंडकोष की वृद्धि में, वचा (पंसारी से मिल जाएगी) को सरसों के पानी द्वारा सिल पर पीस ले और अंडकोष पर लेप कर दे। इस से अंडकोष का आकार सामान्य हो जायेगा।

इसके अलावा कर सकते हैं ये घरेलु उपचार

किशमिश ( Raisins ) : माना जाता है कि रोजाना किशमिश का सेवन करने से भी अंडकोष के आकार में वृद्धि होनी बंद होती है.

चने का बेसन ( Gram Flour ) : पानी और शहद के मिश्रण में चने के बेसन को मिलाएं और इस लेप को सूजे हुए अंडकोषों पर लगाएं.

सुहागा और गुड – दो रत्ती फुला हुआ सुहागा गुड के साथ प्रात: काल तीन चार दिन लेने से अंडकोष की सूजन में आराम मिलता हैं।

हल्दी का पानी – हल्दी को पानी में पीसकर अंडकोष पर लेप कर दे। सूजन खत्म हो जाएगी।

अरहर की दाल ( Tur Pulse ) : आप रात के समय अरहर की दाल को भीगने के लिए रख दें, अगले दिन दाल को उसी पानी में पिसें और हल्का गर्म कर लें. इसके बाद इस लेप को अंडकोषों पर लगाकर उनकी सिकाई करें. कुछ दिन इस उपाय को नियमित रूप से अपनाएँ, लाभ अवश्य मिलेगा.

भोजन ( Food ) : जब तक अंडकोषों में ये समस्या है तब तक आप सिर्फ सुखा आहार ही ग्रहण करें और दही, मिठाई, ठंडी चीजें, तले हुए मसालेदार पदार्थों को खाना बंद कर दें.

देख रेख – अंडकोष की वृद्धि रोकने के लिए, अंडकोष को बाँध कर रखे। उन्हें लटकने ना दे, और कूदते – फांदते समय, गाडी चलाते समय कदापि ढीला ना छोड़े। लंगोट बाँध कर रखें.

होमियोपैथी – अंडकोष की सूजन वृद्धि या अन्य विकार रोकने के लिए होमियोपैथी की कुछ दवाये भी अत्यंत कारगर हैं – “स्पंजिया” अंडकोष के कड़ेपन और सूजन के लिए उत्तम हैं। “बेलाडोना” अंडकोष की सूजन एवं गर्मी के लिए लाभदायक हैं। “कल्केरिया कार्ब” अंडकोष वृद्धि की सर्वश्रेष्ठ दवा हैं।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info